मुंबई: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सोशल मीडिया के रील स्टार ने 50 लाख के विवाद में रिटायर्ड प्रोफेसर की हत्या कर दी। पुलिस ने 40 दिन बाद जंगल से शव बरामद किया है।
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क्या है पूरा मामला?
छत्रपति संभाजीनगर शहर से एक सनसनीखेज हत्या की घटना सामने आई है। जिस व्यक्ति को दोस्त माना, उसी सोशल मीडिया रील स्टार ने 50 लाख रुपए के विवाद में एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में शव को जंगल में दफना दिया। करीब 40 दिनों बाद पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए जमीन में दफन शव को बाहर निकाला।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में रिटायर्ड प्रोफेसर राजाभाऊ सुभराव लोंढे की हत्या की गई है, जबकि मुख्य आरोपी सोशल मीडिया रील स्टार विशाल राठोड है। हत्या में उसकी मदद करने वाले उसके साथी आकाश पवार और करण आडे को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी विशाल राठोड ने करीब डेढ़ महीने पहले ही इस हत्या की साजिश रच ली थी। किसी वेब सीरीज़ जैसी इस वारदात में आरोपियों ने बेहद ठंडे दिमाग से हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई।

हत्या के बाद की टाइम लाइन: 3 फरवरी
विशाल राठोड ने गेवराई तांडा इलाके में गुप्तधन मिलने का बहाना बनाकर पहले से ही 8-8 फुट के दो गहरे गड्ढे खुदवा कर रख दिए।
5 फरवरी
विशाल ने प्रोफेसर राजाभाऊ लोंढे को पार्टी के बहाने बाहर बुलाया। रात में पार्टी के बाद उसने लोंढे की ही बंदूक छीनकर उन पर गोलियां चला दीं। हत्या के बाद लोंढे का शव कार की डिक्की में डाल दिया गया और विशाल राठोड तथा आकाश पवार करीब 30 किलोमीटर तक शहर में घूमते रहे।
6 फरवरी (तड़के)
सुबह करीब 6 बजे विशाल ने गेवराई तांडा के जंगल में पहले से खोदे गए गड्ढे में शव को दफना दिया। इसके बाद सुबह 11 बजे उसने जेसीबी चालक को दोबारा बुलाया और उसे “पुलिस केस” का डर दिखाकर उस गड्ढे को पूरी तरह भरवा दिया।
8 फरवरी
तपास की दिशा भटकाने के लिए विशाल लोंढे का मोबाइल फोन लेकर पुणे चला गया। वहां उसने लोंढे के मोबाइल से अंग्रेजी में एक स्टेटस डाला –“I m in personal work – 20, 25 dont disturb” ताकि लोगों को लगे कि लोंढे किसी निजी काम में व्यस्त हैं और सुरक्षित हैं।
10 मार्च
लोंढे के परिजनों ने उनके लापता होने की शिकायत लेकर पुलिस आयुक्त से मुलाकात की, जिसके बाद मामले की जांच तेज हो गई।
14 मार्च
जांच के दौरान सामने आया कि विशाल राठोड और आकाश पवार ने मिलकर यह हत्या की है।
15 मार्च
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या करना कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस टीम उन्हें लेकर गेवराई के जंगल में पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए जमीन में दफन शव को बाहर निकाला।
हत्या के बाद 8 घंटे तक शहर में घूमते रहे आरोपी
हत्या के बाद आरोपियों ने खून से सना शव कार की डिक्की में डाल दिया और करीब 8 घंटे तक शहर की सड़कों पर घूमते रहे। करीब 30 किलोमीटर तक घूमने के बाद वे गेवराई तांडा के जंगल पहुंचे, जहां पहले से खोदे गए 8 फुट गहरे गड्ढे में शव को दफना दिया गया।
इतना ही नहीं, अपराध की दिशा भटकाने के लिए आरोपियों ने लोंढे के मोबाइल फोन से गलत अंग्रेजी में स्टेटस भी डाला, ताकि लोगों को लगे कि वे सुरक्षित हैं।
हनी ट्रैप एंगल से भी जांच
पुलिस अब इस हत्या की जांच हनी ट्रैप एंगल से भी कर रही है। बताया जा रहा है कि 60 वर्षीय प्रोफेसर लोंढे और 24 वर्षीय विशाल राठोड के बीच एक महिला के कारण दोस्ती हुई थी। 50 लाख रुपये के लेन-देन में उस महिला की क्या भूमिका थी, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर “लाला” नाम से था मशहूर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “लाला” नाम से मशहूर विशाल राठोड के इंस्टाग्राम पर करीब 1.75 लाख फॉलोअर्स हैं। उसने साल 2019 से वीडियो बनाना शुरू किया था और कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल कर ली थी।
विशाल के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर महंगी कारों, हाई-एंड स्मार्टफोन्स और लग्जरी लाइफस्टाइल से जुड़े कई वीडियो मौजूद हैं। खास बात यह है कि 22 मार्च 2025 को उसने महज 23 साल की उम्र में “जैग्वार” लग्जरी कार खरीदने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था।